माँ बेटी को जन्म देती है,पालपोश
कर बड़ा करती है लेकिन उसका ममतामयी हृदय काँप जाता है जब वह अपनी बेटी को ससुराल
भेजकर खुद से अलग करती है |ये शब्द एक माँ हृदय से निकली हुई आवाज है,जो अपनी बेटी
की शादी करने से पहले सोचती है |माँ बेटी के बचपन से लेकर हर एक गुजरे पल को याद
कर बिलख-बिलख कर रोती है कि वह कैसे अपनी बेटी को विदा करेगी | अंततः,वह घड़ी भी आ
जाती है,पहले तो उसका मन काँप जाता है लेकिन बाद में अपनी अन्तरात्मा की आवाज
सुनकर वह अपना दिल हल्का कर लेती है और अपने संस्कारों के बल पर बेटी को दो
परिवारों की बागडोर संभालने के लिये प्रोत्साहित करती है |
माँ की ममता के आँचल में,
बेटी ने सहेजे वो दो पल ,
कर सूना उस आँचल को ,
आज वो ससुराल चली |
ममता रोई ,आँचल रोया ,
खेली–पली जिस घर में ,
था उस दिन ,
वो आँगन रोया |
मेहँदी लगी है हाथों में ,
करवा रही, मन में अहसास ,
कल छोड़ तुम्हें सब जाना है ,
माँ-पिता,घर,देहरी और ये द्वार |
माँ के कलेज़े के टुकड़े को ,
कल पराया हो जाना है ,
मन में खटकती यह बात,
इसलिए रहता है मेरा मन उदास |
बेटी पराई होती है ,
आज समझ आया मुझे ,
क्यों कहता है,
सारा ब्रम्हांड |
ढोल-नगाड़े बज रहे ,
ढोलक की थाप गूँज रही ,
शहनाई आँगन में बज रही ,
पर ममता का आँचल कचोट रहा |
कल बेटी चली जाएगी ,
कैसे सहूँ इस दर्द को ,
है दिल मन ही मन रो रहा |
दिल दहलाता यह एहसास ,
आज है जो मेरी आन ,
कल बन जायेगी ,
मेरा छोड़ दूसरे की शान |
चलने को जब होती उद्यत ,
मैं ऐसे ठिठुर जाती ,
जैसे सर्द हवाएं जाड़ो में ,
हाड़-मॉस सब कंपा जाती |
कल बेटी विदा हो जाएगी ,
ये घर आँगन छोड़ जायेगी ,
आँखों से ओझल होता देख ,
ममता ने मुझे झकझोर दिया |
कर दो विदा तुम बेटी को ,
कुछ मान-मर्यादा उसे सिखा देना ,
जाकर तुम अपने उस घर में ,
फूलों के गुल खिला देना |
सास-ससुर हैं माता-पिता ,
देवर ही तुम्हारा भाई है ,
ननद ही तुम्हारी बहना है ,
ऐसा उसको सिखला देना |
करके सम्मान तुम उन सबका ,
खुद अपना मान बढ़ाओगी ,
उनकी बगिया को फलता देख ,
उस दिन से बहू नहीं, बेटी कहलाओगी |
दो परिवारों की बागडोर ,
अच्छे से तुम्हें संभालनी है ,
हमारे संस्कारों की सीख से ,
तुम्हें शान अपनी बढ़ानी है |
ममता की इस आवाज ने ,
मेरे मन को आज तसल्ली दी ,
कर दूँगी बेटी विदा मैं ,
ह्रदय कठोर बना लूंगी |
अपनी छाया से जिसे मैंने ,
पालपोष कर बड़ा किया ,
आँखों में आँसू भरकर के ,
मैंने आज उसे विदा किया |

