अजन्मी बेटी की आवाज | Save Baby Girl | Beti Bachao Abhiyan Vichar
‘’माँ मुझे मत मारो, माँ मुझे संसार में आने
दो’’| माँ मैं आपकी बाहों में झूलना चाहती हूँ , लोरी सुनकर सोना चाहती हूँ , आपके
आँचल में छुपकर अठखेलियाँ करना चाहती हूँ , अपने नन्हे-नन्हें पांव में पायल पहन
कर छन-छन की आवाज से मैं आप और पापा के मन को मोहित करना चाहती हूँ | माँ मुझे
संसार में आने से पहले क्यों मार रही हो ? माँ मैं आपके ऊपर भार बनकर नहीं रहूंगी,
क्या माँ सचमुच आप जो कर रही हो वो अपने मन से कर रही हो या गर्भ में ही मुझे
मारने पर आपको विवश किया जा रहा है | माँ मुझे पता है कि कोई भी माँ अपनी बेटी के
साथ ऐसा खिलवाड़ नहीं करेगी | पर आप क्यों ?
Please माँ मुझे जीवन दे दो मैं
दादी-बाबा , ताऊ-ताई , नानी-नाना , सभी की गोद में खेलना चाहती हूँ | मैं आपके
प्रेम भरे अहसास को महसूस करना चाहती हूँ |माँ मुझे पता है की आप के दिल में मेरे
लिये कितना दर्द है , आप चाह कर भी मुझे जन्म नहीं दे पा रहीं हैं |
धिक्कार है माँ आपकी ममता पर जो आपको अपनी कोख में पल रही बेटी की आवाज नहीं
सुनाई दे रही है या फिर आप ना सुनने का बहाना कर रही हो | माँ ऐसा क्या है जो आपको
ऐसा करने पर मजबूर कर रहा है | क्या आप भी एक बेटे की चाह में मुझे गर्भ में ही
मार देना चाहती हैं | माँ आप सिसकियाँ क्यों भर रही है , आप के रोने की आवाज मुझ
तक आ रही है माँ मैं आपको सुन सकती हूँ महसूस कर सकती हूँ पर देख नहीं सकती
क्योंकि मुझे पता है कि आप ये देखने का मौका मुझे नहीं मेरे भाई को देंगी |
माँ क्या मेरी आवाज आप तक नहीं पहुँच रही है या आप सुनकर भी खामोश हैं या फिर
आप दिल में दर्द भरकर भी खुश होने का नाटक कर रहीं हैं , अरे माँ ! आपकी आँखों में
आंसू जो थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं , माँ आप के आंसुओ से मेरा कलेजा भीग सा
रहा है आपका आंतरिक करुण क्रंदन मुझे झकझोर रहा है पर माँ मैं आपको कैसे समझाऊँ कि
पारिवारिक या सामाजिक दबाव में आप जो कदम उठाने जा रही है वो ठीक नहीं है , आप
मुझे क्यों नहीं इस दुनियां में आने देना चाहती हैं |
मेरी माँ मुझे Feel करने की कोशिश तो करो मैं आप का ही एक Part हूँ , माँ मुझे
जन्म दो मैं आपके सपनों को साकार करना चाहती हूँ | माँ अपने अन्तर्मन 3की आवाज
सुनने की कोशिश करो अब समय बदल चुका है आज के समय में बेटे और बेटी में कोई फर्क
नहीं है | बेटियां हर Field में अब कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है फिर ये सब
जानते हुए भी आप क्यों भ्रमित हो रही हैं | एक बेटे की खोखली चाह में आप बेटी की
बलि क्यों दे रही हैं |
आज की दुनियां नश्वर वादी होकर ईश्वर की अलौकिक शक्तियों को दुत्कार रही है|
Science लगातार नये नये अविष्कार करके संसार में रहने वाले समस्त जनों को भड़का रहा
है कि इस संसार में God नहीं है फिर तुम क्यों उसकी पूजा करते हो | नई-नई
वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से बेचारी अजन्मी लडकियां गर्भ में ही मृत्यु का
शिकार बन रही है | आखिर क्या गलती है इन कन्यायों की और क्या गलती है उन माँओं की
जो अपनी ममता को गोद में आने से पहले ही कोख में मार देती हैं | ये कारनामें उन
महिलाओं के हैं जो चाह कर भी खुद में कुछ नहीं कर सकती हैं लेकिन परतंत्रता की
शिकार हैं | उनका उठना , बैठना , खाना , पीना , घूमना फिरना यहाँ तक कि पति के साथ
सोना , बच्चे पैदा करना भी दूसरों पर निर्भर है |
औरत वह है जिसके साथ गलत हो रहा है उसे झूठ का
शिकार बनाया जा रहा है उसे दो बच्चे पैदा करने हैं चाहें लड़का हो या लड़की | उसे
अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा देनी है यह सब कुछ जानते हुए भी एक अनजान पहेली की तरह
सब कुछ सहती रहती है और कभी घर वालों का विरोध नहीं करती सिर्फ इसलिये कि समाज
क्या कहेगा | इस धुन में ये आदर्श वादी महिलायें कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए
खुद का शिकार हो जाती हैं |
महिलायें ये भी नहीं सोचती कि आखिर कब तक इन कर्तव्यों का पालन किया जायेगा और
कब तक गर्भ में ही इन कन्याओं की बलि चढ़ती रहेगी | समय तेजी से बदल रहा है सभी
महिलाओं को गर्भ में मारने से पहले अपनी उस अजन्मी बेटी की आवाज जरूर सुननी चाहिये
जो संसार में आने के लिए सिसकियाँ भर रही है |
बेटियों को जन्म जरूर दो और अपने प्यार से उसके अन्तर्मन को सींच दो | बेटियां
बेटों से कम नहीं है बस उन्हें अच्छी परवरिश की जरूरत है , बेटियां माँ बाप के लिए
उनके जीवन की अमूल्य धरोहर हैं | बेटियां निस्वार्थ भाव से अपने माता पिता को
प्रेम करती हैं और अपनी खुशियों के लिये कभी भी माँ बाप का गला नहीं घोटती हैं |
अतः मेरा सभी से निवेदन है कि गर्भ में मारी जाने वाली बच्चियों को बचाओ महिलाओं में जागरूकता लाओ कि बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं है और दोनों को सामान
भाव से देखना चाहिये |


